भौतिकी की समझ (Concepts of Physics in Hindi)

भौतिकी की समझ Bhautiki Ki Samajh Concepts of Physics in Hindi by HC Verma

पुस्तक का वर्णन (Book Description)

इस पुस्तक को पढ़ने के लिए भौतिकी का पूर्वज्ञान बिलकुल भी आवश्यक नहीं है। भौतिकी के विषयों को बिलकुल प्रारंभिक स्तर से विकसित किया गया है। बिना किसी पूर्वाग्रह के ध्यानपूर्वक इस पुस्तक को पढ़ना सर्वाधिक लाभप्रद होगा।

इस पुस्तक का प्रकाशित होना हिंदी माध्यम से विज्ञान पढ़ने वाले छात्रों के जीवन मे क्रान्ति से कम नहीं होगा। यह पुस्तक 2018 में भारती भवन द्वारा प्रकाशित की गई है। इसका ISBN-10: 9350271990 और ISBN-13: 978-9350271995 है। इस पुस्तक के खंड १ में 38 अध्याय और 554 पृष्ठ हैं।


पूर्व कथा से अंश... (Excerpt from Preface)

भारत मूलतः प्रकृति-प्रेमी राष्ट्र है और प्रकृति को जानने-समझने का शास्त्र ही भौतिकी है। भारत, प्रकृति एवं भौतिकी के बीच इस अटूट रिश्ते को केंद्र में रखते हुए वर्षों पूर्व मैंने Concepts of Physics पुस्तक का निर्माण किया था। वर्ष 1992 में प्रकाशित यह पुस्तक पूरे भारत में भौतिकी के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से भरपूर प्यार बटोरती रही है। और, इसी पुस्तक के कारण इस देश ने मुझ अकिंचन पर भी झोली भर-भरकर प्यार लुटाया है। 'भौतिकी' अपने जीवन की, अपने संसार की गाथा है। और, इस गाथा को शब्दों में गूँथने का काम अपनी मातृभाषा में हो, तो उसकी तुलना ही क्या है? इन्हीं विचारों की परिणती है मेरी यह पुस्तक भौतिकी की समझ।
एच सी वर्मा

विषय-सूची (Table of Contents)

  1. अध्याय 1 - भौतिकी का परिचय
  2. अध्याय 2 - मात्रक और विमाएँ
  3. अध्याय 3 - मापन की संभावित त्रुटियाँ एवं सार्थक अंक
  4. अध्याय 4 - सदिश राशियों का गणित
  5. अध्याय 5 - कलन शास्त्र
  6. अध्याय 6 - सरल रेखा में गति
  7. अध्याय 7 - समतल में गति
  8. अध्याय 8 - न्यूटन के गति-नियम
  9. अध्याय 9 - घर्षण
  10. अध्याय 10 - वृत्त में गति
  11. अध्याय 11 - अजड़त्वीय निर्देश तंत्र
  12. अध्याय 12 - कार्य, शक्ति एवं गतिज ऊर्जा
  13. अध्याय 13 - स्थितिज ऊर्जा एवं ऊर्जा-सरंक्षण का सिद्धांत
  14. अध्याय 14 - द्रव्यमान केंद्र
  15. अध्याय 15 - संवेग-संरक्षण का सिद्धांत, टक्कर
  16. अध्याय 16 - घूर्णन गति
  17. अध्याय 17 - जड़त्व आघूर्ण
  18. अध्याय 18 - बल आघूर्ण
  19. अध्याय 19 - मिश्र स्थानांतरीय-घूर्णन गति
  1. अध्याय 20 - गुरुत्वाकर्षण
  2. अध्याय 21 - सरल आवर्त गति
  3. अध्याय 22 - कोणीय सरल आवर्त गति
  4. अध्याय 23 - सरल आवर्त गति पर आधारित अन्य गतियाँ
  5. अध्याय 24 - तरल पदार्थों की भौतिकी
  6. अध्याय 25 - द्रवों का प्रवाह
  7. अध्याय 26 - प्रत्यास्थता
  8. अध्याय 27 - डोरियों पर जाती तरंगे
  9. अध्याय 28 - डोरियों पर अप्रगामी तरंगें
  10. अध्याय 29 - ध्वनी तरंगे
  11. अध्याय 30 - ध्वनी तरंगों का अध्यारोपण
  12. अध्याय 31 - प्रकाश की तरंगें
  13. अध्याय 32 - प्रकाश तरंगों का व्यतिकरण
  14. अध्याय 33 - प्रकाश का विवर्तन
  15. अध्याय 34 - ज्यामितीय प्रकाशिकी
  16. अध्याय 35 - गोलीय सतहों पर अपवर्तन
  17. अध्याय 36 - लेंस-आधारित उपकरण
  18. अध्याय 37 - प्रकाश की चाल
  19. अध्याय 38 - प्रकाशमिति

प्रशंसापत्र (Testimonials)

Received this copy today. Lying in the lap, turning down it's pages make me appreciate the life more, the life of being a student of the best teacher. Thanks a lot sir for writing this master piece. This is a poetry of physics. Each page is a joy to read.
Mukul Rathi, on Facebook
My wife was waiting for Hindi version since long. She has gone through English one.
CS Malvi on Amazon

कैसे खरीदें (How to Buy)?

आप इस किताब की दुकान से या अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट से खरीद सकते हैं। यह पुस्तक भारती भवन द्वारा प्रकाशित की गई है।


लेखक के बारे में (About Author)

HC Verma

डॉ. एच.सी. वर्मा एक शिक्षाविद, भौतिक विज्ञानी और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वें आईआईटी कानपुर के भौतिकी विभाग से कुछ समय पूर्व सेवानिवृत्त हुए। इन्होंने भौतिक शास्त्र पर कई पुस्तकें लिखीं। इनकी कुछ रचनाएँ हैं - Concepts of Physics, Foundation Science Physics, Qunatum Physics आदि। डॉ. एच.सी. वर्मा और उनकी टोली देश में भौतिकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए समर्पित है। उनके बारे में अधिक जननें के लिए www.hcverma.in पर जायें।


अध्याय 1 - भौतिकी का परिचय से अंश...

नीला आकाश, आकाश में लटके हुए सूरज चाँद और तारे। प्रकाश की किरण फूटी, ज्योति प्रस्फुटित हुई, प्रभात हुआ, तारे जाने कहाँ छुप गए, चाँद रहा भी तो निस्तेज, महत्वहीन। दूर कहीं पूर्व दिशा में आकाश के पटल पर लालिमा फैली, सूरज धीरे-धीरे प्रकट हुआ, अरुण वर्ण। फैल गयी खेतों में, मैदानों में, सड़कों पर, घरों की छतों पर धूप की लंबी-चौड़ी चादर। धीरे-धीरे सूरज ने सौम्य अरुण वर्ण का परित्याग किया, आँख उठाकर देखना भी संभव न हो दुपहर में, ऐसा प्रचंड रूप। और संध्या काल अपने साम्राज्य को समेटता हुआ पश्छिम के आकाश को लाल करता चला गया कहीं और। रात आयी तो झिलमिल चमकते तारों की बिंदियों ने श्रृंगार किया आकाश का। कहीं चाँद की चमक अपनी शीतल चाँदनी से हमारे मन-मस्तिष्क को आह्लादित करने लगी। प्रकृति के इन नियमों की जानकारी ही है भौतिकी।
"भौतिकी की समझ" अध्याय १ से

अध्याय 25 - द्रवों का प्रवाह से अंश...

कलकल बहती नदी हो या पहाडों पर से गिरते झरने, घरों के नलों में चलता पानी हो या हमारी धमनियों में बहता रक्त, झमझम करती वर्षा हो या आँखों से बहते आँसू , द्रवों का प्रवाह इस संसार का अभिन्न अंग है।
"भौतिकी की समझ" अध्याय 25 द्रवों का प्रवाह से